पारंपरिक स्वाद, हल्दी पत्तों की मिठास
🌿 पातोलेओ: पारंपरिक स्वाद, हल्दी पत्तों की मिठास के साथ
अगर आपने कभी पातोलेओ (या पातोली / पातोल्या) नहीं खाया है, तो चलिए आपको ले चलते हैं एक छोटे से स्वाद यात्रा पर — गोवा और कोंकण की गलियों में। यह सिर्फ एक मिठाई नहीं है, बल्कि एक परंपरा है जो त्यौहारों जैसे नाग पंचमी, गणेश चतुर्थी, और संकष्टी चतुर्थी पर खास तौर पर बनाई जाती है।
इस मिठाई की सबसे खास बात है — हल्दी के पत्तों में इसे भाप में पकाया जाता है। इसका स्वाद इतना सादा लेकिन खास होता है कि एक बार खाओ तो भूलना मुश्किल।
🍃 आवश्यक सामग्री:
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6–8 ताजे हल्दी के पत्ते (अच्छे से धोकर सुखा लें)
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1 कप चावल का आटा
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1 कप ताजा नारियल (कद्दूकस किया हुआ)
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¾ कप गुड़ (कद्दूकस किया हुआ) – स्वादानुसार
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1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
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एक चुटकी नमक
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गुनगुना पानी – आटा गूंथने के लिए
👩🍳 बनाने की विधि:
1. भरावन तैयार करें:
नारियल, गुड़ और इलायची पाउडर को अच्छे से मिलाएं। 10 मिनट छोड़ दें ताकि गुड़ थोड़ा पिघल जाए और नारियल में मिल जाए।
2. चावल का आटा गूंथ लें:
चावल के आटे में नमक डालें और गुनगुने पानी से एक मुलायम और थोड़ा गीला आटा तैयार करें।
3. पत्ते तैयार करें:
हल्दी के पत्तों को अच्छे से धोकर सुखा लें। जरूरत पड़े तो डंठल काट लें।
4. पातोलेओ भरें:
हर पत्ते पर एक तरफ चावल का आटा पतली परत में फैलाएं। बीच में नारियल-गुड़ का मिश्रण रखें और पत्ता मोड़ दें।
5. भाप में पकाएं:
इन्हें स्टीमर में रखें और 15–20 मिनट तक भाप में पकाएं। जब पत्तों का रंग गहरा हो जाए और खुशबू फैलने लगे, तब समझ लें कि तैयार है।
6. परोसें:
हल्का ठंडा होने दें, फिर पत्ता छीलकर गरमागरम या कमरे के तापमान पर खाएं।
💡 कुछ सुझाव:
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अगर हल्दी के पत्ते ना मिलें तो केले के पत्ते इस्तेमाल किए जा सकते हैं (हालाँकि हल्दी जैसी खुशबू नहीं आएगी)।
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चाहें तो मिश्रण में थोड़ा सा जायफल भी डाल सकते हैं स्वाद बढ़ाने के लिए।
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देसी घी के साथ परोसें — स्वाद दुगना हो जाएगा!

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